रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs): छोटे निवेशकों के लिए प्रॉपर्टी से कमाई का नया तरीका

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानी REITs ने छोटे निवेशकों के लिए प्रॉपर्टी मार्केट में निवेश का रास्ता आसान बना दिया है। जानिए क्या हैं REITs, कैसे काम करते हैं, भारत में उनका रिटर्न और टैक्स लाभ क्या है, और 2025 में निवेशकों के लिए ये क्यों एक स्मार्ट विकल्प बन रहे हैं।

Nov 10, 2025 - 14:23
Nov 10, 2025 - 10:41
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रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs): छोटे निवेशकों के लिए प्रॉपर्टी से कमाई का नया तरीका

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs): छोटे निवेशकों के लिए प्रॉपर्टी से कमाई का नया तरीका

अब बड़े-बड़े कॉर्पोरेट बिल्डिंग या ऑफिस टॉवर में निवेश करना सिर्फ अमीरों का खेल नहीं रहा। REITs के ज़रिए कोई भी व्यक्ति छोटे अमाउंट से रियल एस्टेट में निवेश कर सकता है और किराये जैसी स्थायी आय कमा सकता है।

परिचय

रियल एस्टेट में निवेश पारंपरिक रूप से बड़ी पूंजी की मांग करता था। लेकिन अब REITs (Real Estate Investment Trusts) ने इस बाधा को तोड़ दिया है। ये निवेशकों को शेयर बाजार के माध्यम से रियल एस्टेट में हिस्सा लेने और नियमित आय प्राप्त करने का मौका देते हैं।

REITs क्या हैं?

REIT एक ऐसी कंपनी होती है जो ऑफिस, मॉल, होटल या वेयरहाउस जैसी आय देने वाली रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज में निवेश करती है। निवेशक REIT के यूनिट्स खरीदते हैं और इसके बदले उन्हें किराये और संपत्ति के मूल्यवृद्धि से आय मिलती है — ठीक वैसे ही जैसे शेयर बाजार में डिविडेंड मिलता है।

REITs कैसे काम करते हैं?

  1. REIT रजिस्टर्ड ट्रस्ट संपत्तियों को खरीदकर किराये पर देता है।
  2. प्राप्त किराया और पूंजीगत लाभ का एक बड़ा हिस्सा (कम से कम 90%) यूनिट धारकों में वितरित किया जाता है।
  3. REIT यूनिट्स NSE और BSE पर लिस्टेड होती हैं, जिन्हें आप किसी शेयर की तरह खरीद-बेच सकते हैं।

भारत में REITs की स्थिति

  • भारत में पहला REIT — Embassy Office Parks REIT — 2019 में लॉन्च हुआ था।
  • वर्तमान में भारत में तीन प्रमुख REITs लिस्टेड हैं: Embassy, Mindspace और Brookfield।
  • 2025 में SEBI नए सेक्टर REITs (जैसे इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस REITs) की मंजूरी देने की दिशा में है।

REITs का रिटर्न परफॉर्मेंस

पिछले 3 सालों में भारतीय REITs ने औसतन 10–14% वार्षिक रिटर्न दिया है, जिसमें किराये की आय और पूंजी वृद्धि दोनों शामिल हैं। यह पारंपरिक Fixed Deposit या सरकारी बॉन्ड से अधिक है, लेकिन इक्विटी की तुलना में कम अस्थिर है।

REITs के टैक्स लाभ

  • REIT द्वारा वितरित किराये की आय निवेशक के हाथ में टैक्स योग्य होती है, लेकिन कुछ हिस्से पर TDS में छूट मिलती है।
  • लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (36 माह बाद) पर 10% टैक्स लागू होता है।
  • डिविडेंड वितरण पर कंपनियों को टैक्स छूट मिलती है, जिससे निवेशक को अधिक रिटर्न मिलता है।

छोटे निवेशकों के लिए REITs के फायदे

  • ₹10,000 से शुरू होने वाला निवेश।
  • रियल एस्टेट में डायरेक्ट प्रॉपर्टी खरीदे बिना हिस्सा।
  • नियमित किराये जैसी आय और लिक्विडिटी।
  • SEBI द्वारा नियमन, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

REITs में निवेश से जुड़े जोखिम

  • रियल एस्टेट मार्केट में मंदी का सीधा असर।
  • किरायेदारों की कमी से आय पर प्रभाव।
  • ब्याज दरों में बदलाव से NAV पर असर पड़ सकता है।

REITs में निवेश कैसे करें?

REITs में निवेश करना शेयर खरीदने जितना आसान है। किसी भी डिमैट अकाउंट के माध्यम से NSE/BSE पर यूनिट्स खरीदी जा सकती हैं। वैकल्पिक रूप से, आप REIT आधारित म्यूचुअल फंड्स या ETFs में भी निवेश कर सकते हैं।

निष्कर्ष

REITs भारत में एक नया लेकिन तेजी से बढ़ता निवेश वर्ग है। यह छोटे निवेशकों को रियल एस्टेट सेक्टर की आय और ग्रोथ में भागीदारी का मौका देता है। यदि आप स्थायी आय और पूंजी वृद्धि दोनों चाहते हैं, तो 2025 में REITs एक समझदारी भरा विकल्प हो सकते हैं।

स्रोत

  • SEBI REIT Guidelines 2025
  • Embassy Office Parks REIT Annual Report 2024
  • RBI Investment Trends Report 2025

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