भारत में हिलस्टेशन या रिजॉर्ट एसेट्स में निवेश: मौसमी प्रॉपर्टी या दीर्घकालीन अवसर?
भारत में हिलस्टेशन और रिजॉर्ट प्रॉपर्टीज अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि नए निवेश अवसर बन रहे हैं। एअर-बीएनबी मॉडल और चार सीजन टूरिज़्म के चलते इस सेक्टर में तेजी है। जानिए, क्या यह मौसमी आकर्षण है या लंबी अवधि का रिटर्न देने वाला एसेट क्लास।
भारत में हिलस्टेशन या रिजॉर्ट एसेट्स में निवेश: मौसमी प्रॉपर्टी या दीर्घकालीन अवसर?
भारत में पर्यटन उद्योग के विस्तार के साथ हिलस्टेशन और रिजॉर्ट प्रॉपर्टीज में निवेश एक नया ट्रेंड बन रहा है। लेकिन सवाल यह है — क्या यह निवेश केवल सीजनल इनकम तक सीमित रहेगा या लंबे समय तक रिटर्न दे सकता है?
परिचय
भारत में घरेलू पर्यटन के बढ़ते चलन और “वर्क फ्रॉम एनीवेयर” संस्कृति के कारण हिलस्टेशन और रिजॉर्ट एसेट्स निवेशकों के लिए एक नया आकर्षण बन चुके हैं। एअर-बीएनबी जैसे प्लेटफॉर्म ने इस ट्रेंड को और तेज़ किया है, जिससे लोग पासिव इनकम और हॉलीडे होम इन्वेस्टमेंट को जोड़कर देख रहे हैं।
भारत में हिलस्टेशन इन्वेस्टमेंट का बढ़ता चलन
- उत्तरी भारत: मनाली, शिमला, ऋषिकेश, मसूरी और नैनीताल में छोटे हॉलीडे होम्स की मांग तेजी से बढ़ी है।
- दक्षिण भारत: ऊटी, कोडाइकनाल, कूर्ग और वायनाड जैसे स्थान अब वेलनेस टूरिज़्म हब बन रहे हैं।
- पश्चिमी घाट और गोवा: बीच रिसॉर्ट्स और लग्जरी विला निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं।
एअर-बीएनबी मॉडल: हॉलीडे इनकम का नया स्रोत
Airbnb और Booking.com जैसे प्लेटफॉर्म्स ने प्रॉपर्टी शेयरिंग इकोनॉमी को नया जीवन दिया है।
- किराये की क्षमता: हिलस्टेशन पर 60–70% ऑक्यूपेंसी रेट सालभर बनी रहती है।
- सीजनल रिटर्न: पीक सीजन में दैनिक किराया ₹10,000–₹25,000 तक जा सकता है।
- फ्लेक्सिबिलिटी: मालिक खुद भी प्रॉपर्टी का उपयोग कर सकते हैं और बाकी समय किराये पर दे सकते हैं।
क्या यह दीर्घकालीन अवसर है?
हिलस्टेशन प्रॉपर्टी निवेश में दीर्घकालीन अवसर तभी बनते हैं जब प्रॉपर्टी अच्छी लोकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सपोर्ट के साथ हो।
- लॉन्ग-टर्म टूरिज्म ट्रेंड: सस्टेनेबल टूरिज्म और इको-रिजॉर्ट्स का बढ़ता प्रभाव।
- कैपिटल अप्रीसिएशन: लोकप्रिय डेस्टिनेशंस में सालाना 8–12% मूल्य वृद्धि।
- स्थायी इनकम: वीकेंड गेटअवे और रिमोट वर्क टूरिज़्म से सालभर मांग बनी रहती है।
वित्तीय विश्लेषण: लागत बनाम लाभ
| पैरामीटर | औसत लागत (₹ लाख) | संभावित वार्षिक रिटर्न (%) |
|---|---|---|
| स्मॉल विला (2BHK) | 60–90 | 8–12% |
| बुटीक रिजॉर्ट (5–10 रूम) | 150–300 | 12–18% |
| Airbnb होस्टिंग यूनिट | 25–40 | 10–15% |
जोखिम और सावधानियाँ
- मौसमी निर्भरता: मॉनसून या ऑफ-सीजन में ऑक्यूपेंसी गिर सकती है।
- मेंटेनेंस लागत: हिलस्टेशन में प्रॉपर्टी देखभाल महंगी होती है।
- नियम और परमिट: कई राज्यों में गैर-स्थानीय निवेशकों के लिए भूमि खरीद पर प्रतिबंध हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
2025 तक भारत में वेकशन रेंटल मार्केट ₹20,000 करोड़ से अधिक का हो सकता है। बढ़ती डिजिटल बुकिंग, स्मार्ट प्रॉपर्टी मैनेजमेंट और ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन इसे दीर्घकालीन अवसर बनाते हैं।
निष्कर्ष
हिलस्टेशन और रिजॉर्ट एसेट्स में निवेश केवल “लक्ज़री” नहीं, बल्कि एक डाइवर्सिफाइड रियल एस्टेट स्ट्रैटेजी का हिस्सा बन रहा है। सही लोकेशन, स्मार्ट प्रबंधन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ यह निवेश मौसमी नहीं, बल्कि स्थायी रिटर्न देने वाला साबित हो सकता है।
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