भारत में फैमिली ऑफिस इन्वेस्टिंग का बढ़ता चलन: अल्ट्रा हाई नेटवर्थ व्यक्तियों की रणनीति

भारत में फैमिली ऑफिस मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अल्ट्रा हाई नेटवर्थ व्यक्ति (UHNI) अब अपने निवेश, कर नियोजन और वेल्थ प्रिज़र्वेशन के लिए प्रोफेशनल फैमिली ऑफिस स्ट्रक्चर अपना रहे हैं। जानिए यह मॉडल कैसे काम करता है और क्यों यह दीर्घकालिक संपत्ति प्रबंधन का भविष्य माना जा रहा है।

Nov 11, 2025 - 11:26
Nov 11, 2025 - 14:54
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भारत में फैमिली ऑफिस इन्वेस्टिंग का बढ़ता चलन: अल्ट्रा हाई नेटवर्थ व्यक्तियों की रणनीति

भारत में फैमिली ऑफिस इन्वेस्टिंग का बढ़ता चलन: अल्ट्रा हाई नेटवर्थ व्यक्तियों की रणनीति

भारत के समृद्ध परिवार अब अपनी संपत्ति और निवेश को प्रोफेशनल तरीके से प्रबंधित करने के लिए "फैमिली ऑफिस" मॉडल अपना रहे हैं। यह चलन वेल्थ प्रिज़र्वेशन से लेकर मल्टी-एसेट इन्वेस्टमेंट तक, हर पहलू को कवर करता है।

परिचय

भारत में तेजी से बढ़ती संपन्नता और नए उद्यमियों के उभार के साथ, फैमिली ऑफिस इन्वेस्टिंग एक प्रमुख ट्रेंड बन गया है। अल्ट्रा हाई नेटवर्थ व्यक्ति (UHNI) अपने निवेश, कर योजना, परोपकार और पीढ़ीगत वेल्थ ट्रांसफर के लिए समर्पित फैमिली ऑफिस बना रहे हैं।

फैमिली ऑफिस क्या है?

  • फैमिली ऑफिस एक निजी संगठन होता है जो किसी अमीर परिवार की संपत्ति, निवेश और वेल्थ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभालता है।
  • यह इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, टैक्स प्लानिंग, एस्टेट मैनेजमेंट, परोपकार (philanthropy) और सक्सेशन प्लानिंग जैसे कार्य करता है।
  • मुख्यतः दो प्रकार — Single Family Office (SFO) और Multi Family Office (MFO)

फैमिली ऑफिस की इन्वेस्टमेंट रणनीति

  1. मल्टी-एसेट डाइवर्सिफिकेशन: इक्विटी, रियल एस्टेट, प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल और गोल्ड में बैलेंस्ड पोर्टफोलियो।
  2. वैकल्पिक निवेश (Alternatives): स्टार्टअप्स, ESG फंड्स और आर्ट कलेक्टिबल्स में निवेश।
  3. रिस्क मैनेजमेंट: ग्लोबल मार्केट्स में निवेश से हेजिंग और कर लाभ का उपयोग।
  4. फिलांथ्रॉपी: CSR और सामाजिक निवेश के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा।

फैमिली ऑफिस का ढांचा कैसे बनता है?

  • Investment Team: फंड मैनेजर, एनालिस्ट और एडवाइज़र।
  • Legal & Compliance: टैक्स, कानून और नियामक प्रबंधन।
  • Operations: रिपोर्टिंग, अकाउंटिंग और फैमिली गवर्नेंस।

बड़े UHNI परिवार आम तौर पर Single Family Office स्थापित करते हैं, जबकि मध्यम संपन्न परिवार Multi Family Office का उपयोग करते हैं।

टैक्स और नियामक लाभ

  • फैमिली ऑफिस को SEBI Registered Advisors या AIF फंड्स के साथ साझेदारी करने की अनुमति है।
  • कर नियोजन के तहत ट्रस्ट या LLP स्ट्रक्चर का उपयोग टैक्स एफिशिएंसी बढ़ाता है।
  • विदेशी निवेशों पर FEMA और LRS मार्ग के तहत प्रबंधन की सुविधा।

मुख्य चुनौतियाँ

  • उच्च लागत और विशेषज्ञ कर्मियों की कमी।
  • विभिन्न नियामक प्रावधानों की जटिलता।
  • संपत्ति उत्तराधिकार और पारिवारिक मतभेदों का प्रबंधन।

भारत में भविष्य

  • फैमिली ऑफिस इकोसिस्टम में पेशेवर सेवाओं और एडवाइजरी फर्मों की तेजी से वृद्धि।
  • AI और डेटा एनालिटिक्स आधारित पोर्टफोलियो मैनेजमेंट टूल्स का उपयोग।
  • ग्लोबल फैमिली ऑफिस नेटवर्क से भारत की सक्रिय भागीदारी।

निष्कर्ष

भारत में फैमिली ऑफिस इन्वेस्टिंग केवल वेल्थ मैनेजमेंट नहीं बल्कि पीढ़ियों तक चलने वाली वित्तीय विरासत बनाने की दिशा में एक कदम है। UHNI वर्ग इसे एक दीर्घकालिक रणनीतिक साधन के रूप में देख रहा है जो संपत्ति, स्थिरता और सामाजिक उत्तरदायित्व को संतुलित करता है।

स्रोत

  • Knight Frank Wealth Report 2025
  • EY India Family Office Survey 2024
  • SEBI AIF Regulations

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