AI क्रेडिट अंडरराइटिंग: बैंक अब डेटा से नहीं, आपकी डिजिटल आदतों से देंगे लोन

2025 में बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब लोन सिर्फ पुराने क्रेडिट स्कोर पर नहीं, बल्कि आपकी डिजिटल आदतों, ट्रांजैक्शन पैटर्न और ऑनलाइन व्यवहार के आधार पर तय होंगे। जानिए कैसे AI आधारित क्रेडिट अंडरराइटिंग लोन प्रक्रिया को बदल रहा है।

Nov 11, 2025 - 11:25
Nov 11, 2025 - 16:21
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AI क्रेडिट अंडरराइटिंग: बैंक अब डेटा से नहीं, आपकी डिजिटल आदतों से देंगे लोन

AI क्रेडिट अंडरराइटिंग: बैंक अब डेटा से नहीं, आपकी डिजिटल आदतों से देंगे लोन

2025 में बैंकिंग सेक्टर तेजी से डिजिटल हो रहा है। अब लोन अप्रूवल सिर्फ क्रेडिट स्कोर पर नहीं बल्कि आपकी डिजिटल गतिविधियों, भुगतान अनुशासन और ऑनलाइन व्यवहार पर निर्भर करेगा।

परिचय

पारंपरिक बैंकिंग में लोन अप्रूवल आपके क्रेडिट स्कोर और आय दस्तावेज़ों पर आधारित होता था। लेकिन अब फिनटेक कंपनियाँ और बैंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित “क्रेडिट अंडरराइटिंग” मॉडल अपना रहे हैं, जो डिजिटल व्यवहार और वैकल्पिक डेटा का विश्लेषण करते हैं।

AI क्रेडिट अंडरराइटिंग क्या है?

  • AI अंडरराइटिंग एक स्वचालित प्रणाली है जो आपकी वित्तीय और डिजिटल गतिविधियों से जोखिम प्रोफाइल तैयार करती है।
  • यह पारंपरिक क्रेडिट ब्यूरो स्कोर से आगे बढ़कर सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, पेमेंट्स और मोबाइल यूसेज डेटा का विश्लेषण करती है।
  • उद्देश्य है अधिक सटीक, निष्पक्ष और डेटा-संचालित लोन निर्णय।

AI किन डेटा पॉइंट्स का उपयोग करता है?

  • पेमेंट हिस्ट्री: बिजली बिल, फोन बिल, UPI ट्रांजैक्शन नियमितता।
  • डिजिटल फुटप्रिंट: ऑनलाइन खरीदारी पैटर्न और मोबाइल ऐप उपयोग।
  • सोशल संकेत: नौकरी स्थिरता, लिंक्डइन प्रोफाइल और डिजिटल प्रतिष्ठा।
  • जियोग्राफिक डेटा: निवास स्थान, खर्च क्षेत्र और लोकल अर्थव्यवस्था।

AI आधारित अंडरराइटिंग के लाभ

  1. फास्टर अप्रूवल: लोन मिनटों में स्वीकृत हो सकते हैं।
  2. इंक्लूजन: जिनके पास पारंपरिक क्रेडिट स्कोर नहीं है, उन्हें भी अवसर।
  3. बेहतर रिस्क एनालिसिस: मशीन लर्निंग व्यवहारिक डेटा से डिफॉल्ट संभावना घटाती है।
  4. पर्सनलाइज्ड ऑफ़र: ग्राहक के व्यवहार के अनुसार लोन दर और शर्तें तय होती हैं।

चुनौतियाँ और जोखिम

  • डेटा गोपनीयता और सहमति का मुद्दा अभी स्पष्ट नहीं है।
  • एल्गोरिदमिक बायस (algorithmic bias) से गलत स्कोरिंग का खतरा।
  • RBI और डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड द्वारा सख्त निगरानी आवश्यक है।

भारत में स्थिति (2025)

  • RBI ने “AI-Based Credit Assessment Framework” पर ड्राफ्ट जारी किया है।
  • फिनटेक कंपनियाँ जैसे KreditBee, CASHe और PaySense पहले से वैकल्पिक डेटा का प्रयोग कर रही हैं।
  • लगभग 40% नए लोन अब डिजिटल अंडरराइटिंग मॉडल से स्वीकृत हो रहे हैं।

लोन लेने वालों पर प्रभाव

  • डिजिटल अनुशासन बनाए रखना अब क्रेडिट योग्यता जितना ही महत्वपूर्ण है।
  • समय पर बिल भुगतान, ईएमआई और डिजिटल सुरक्षा पर ध्यान दें।
  • AI मॉडल्स पारदर्शी हैं, लेकिन उपयोगकर्ता को अपने डेटा अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए।

निष्कर्ष

AI क्रेडिट अंडरराइटिंग भारत के बैंकिंग परिदृश्य को पूरी तरह बदल रहा है। जहाँ पहले क्रेडिट स्कोर तक सीमित आकलन था, अब डिजिटल जीवनशैली ही आपकी वित्तीय पहचान बन रही है। यह बदलाव तेज़, सटीक और समावेशी वित्तीय भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

स्रोत

  • RBI Draft Framework on AI Credit Assessment (2025)
  • NASSCOM Fintech Report 2025
  • World Bank Digital Credit Inclusion Study

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