सूचकांक आधारित फंड (Index Funds) बनाम एक्टिव म्यूचुअल फंड: 2025 में कौन बेहतर विकल्प है?
2025 में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है — क्या उन्हें कम लागत वाले सूचकांक आधारित फंड (Index Funds) में निवेश करना चाहिए या एक्टिव म्यूचुअल फंड्स में? यह लेख दोनों विकल्पों की तुलना करता है और बताता है कि भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति में कौन-सा बेहतर साबित हो सकता है।
सूचकांक आधारित फंड (Index Funds) बनाम एक्टिव म्यूचुअल फंड: 2025 में कौन बेहतर विकल्प है?
कम लागत और स्थिर रिटर्न बनाम पेशेवर प्रबंधन और संभावित अधिक लाभ — यही है Index Funds और Active Funds की असली बहस। 2025 में कौन-सा निवेश तरीका बेहतर रहेगा, आइए समझते हैं।
परिचय
भारत में म्यूचुअल फंड निवेश तेजी से बढ़ रहा है। निवेशकों के बीच यह प्रश्न आम है कि Index Funds बेहतर हैं या Active Mutual Funds? दोनों के अपने फायदे और सीमाएँ हैं। 2025 में जब बाजार में अस्थिरता और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ रही हैं, यह तुलना और भी अहम हो जाती है।
Index Funds क्या हैं?
- Index Funds वे फंड हैं जो किसी सूचकांक जैसे Nifty 50 या Sensex को ट्रैक करते हैं।
- इनमें फंड मैनेजर का रोल न्यूनतम होता है, इसलिए इन्हें Passive Funds कहा जाता है।
- खर्च अनुपात (Expense Ratio) बहुत कम होता है, आमतौर पर 0.2% से 0.5%।
Active Mutual Funds क्या हैं?
- Active Funds में फंड मैनेजर स्टॉक्स को चुनकर पोर्टफोलियो बनाते हैं।
- उद्देश्य होता है बेंचमार्क इंडेक्स से अधिक रिटर्न देना।
- Expense Ratio अधिक होता है (1%–2.5%) और रिटर्न फंड मैनेजर की क्षमता पर निर्भर करता है।
Index Funds बनाम Active Funds: मुख्य अंतर
| पैरामीटर | Index Funds | Active Mutual Funds |
|---|---|---|
| निवेश रणनीति | Passive – बाजार सूचकांक को ट्रैक करना | Active – स्टॉक्स को चुनकर बाजार से बेहतर रिटर्न पाना |
| खर्च | कम (0.2%–0.5%) | अधिक (1%–2.5%) |
| जोखिम | बाजार समान | थोड़ा अधिक, फंड मैनेजर पर निर्भर |
| रिटर्न | बाजार के बराबर | संभावित रूप से अधिक या कम |
| पारदर्शिता | उच्च (सूचकांक सार्वजनिक) | कम (फंड मैनेजर की रणनीति पर निर्भर) |
भारत में 2025 की स्थिति
- SEBI डेटा के अनुसार, 2025 तक Index Funds में AUM 40% तक बढ़ गया है।
- युवा निवेशक SIP के माध्यम से Passive Funds को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- Active Funds ने 2024 में केवल 55% मामलों में ही Nifty को आउटपरफॉर्म किया।
फायदे और सीमाएँ
Index Funds के फायदे
- कम खर्च और सरल प्रबंधन।
- लॉन्ग टर्म में बाजार औसत रिटर्न की गारंटी।
- कम मानवीय हस्तक्षेप और जोखिम।
Active Funds के फायदे
- उच्च रिटर्न की संभावना यदि सही मैनेजर चुना जाए।
- बाजार गिरावट में डिफेंसिव रणनीति अपनाने की क्षमता।
सीमाएँ
- Active Funds में अधिक खर्च और मानवीय त्रुटि की संभावना।
- Index Funds बाजार के साथ ही नीचे भी जाते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप कम लागत, सरलता और लंबी अवधि का स्थिर रिटर्न चाहते हैं, तो Index Funds बेहतर हैं। वहीं यदि आप जोखिम लेकर अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं और फंड मैनेजर की विशेषज्ञता पर भरोसा है, तो Active Funds चुन सकते हैं। 2025 में भारत में निवेश की प्रवृत्ति स्पष्ट है — Passive Investing धीरे-धीरे मुख्यधारा बन रहा है।
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