एएसजी (ESG) निवेश: भारतीय निवेशक क्यों अब ‘सस्टेनेबल फंड्स’ की ओर बढ़ रहे हैं?

जानिए कैसे एएसजी (Environmental, Social, Governance) निवेश भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह गाइड बताएगा कि सस्टेनेबल फंड्स न केवल समाज और पर्यावरण के लिए बेहतर हैं बल्कि अच्छे रिटर्न भी दे रहे हैं।

Nov 6, 2025 - 12:51
Nov 6, 2025 - 14:44
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एएसजी (ESG) निवेश: भारतीय निवेशक क्यों अब ‘सस्टेनेबल फंड्स’ की ओर बढ़ रहे हैं?

एएसजी (ESG) निवेश: भारतीय निवेशक क्यों अब ‘सस्टेनेबल फंड्स’ की ओर बढ़ रहे हैं?

सिर्फ मुनाफा नहीं, अब निवेशक यह भी देख रहे हैं कि उनका पैसा समाज और पर्यावरण पर क्या असर डाल रहा है। यही सोच एएसजी निवेश को भारत में नया उछाल दे रही है।

परिचय

2025 में भारतीय निवेश जगत में एक नई प्रवृत्ति उभर रही है — एएसजी निवेश। इसका मतलब है ऐसा निवेश जो तीन मानकों पर खरा उतरे: पर्यावरण (Environmental), सामाजिक जिम्मेदारी (Social), और सुशासन (Governance)। यह केवल पैसा बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि एक जिम्मेदार आर्थिक निर्णय है।

ESG निवेश क्या है?

  • Environmental: कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट, प्रदूषण नियंत्रण, और पर्यावरण नीतियाँ।
  • Social: कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और समुदायों के साथ कंपनी का व्यवहार।
  • Governance: पारदर्शिता, नेतृत्व और भ्रष्टाचार से बचाव के मानक।

जो कंपनियाँ इन तीनों पहलुओं में अच्छा प्रदर्शन करती हैं, उन्हें एएसजी स्कोर में उच्च रैंक दी जाती है।

भारत में ESG निवेश क्यों बढ़ रहा है?

  • युवा निवेशकों की बढ़ती सामाजिक जागरूकता।
  • सरकार की ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर फोकस।
  • विदेशी निवेशक भारतीय ESG फंड्स में रुचि दिखा रहे हैं।
  • AMFI और SEBI द्वारा ESG आधारित फंड्स को मंजूरी और प्रोत्साहन।

ESG अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि निवेशकों की नई प्राथमिकता बन चुका है।

क्या ESG फंड्स अच्छे रिटर्न दे रहे हैं?

वित्तीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में भारतीय ESG फंड्स ने औसतन 12–14% वार्षिक रिटर्न दिया है। यह पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स के बराबर या उनसे बेहतर रहा है।

  • जोखिम कम क्योंकि फंड्स अधिक पारदर्शी कंपनियों में निवेश करते हैं।
  • लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न और कम वोलैटिलिटी।
  • कई विदेशी ESG इंडेक्स फंड्स भारत में भी लिस्टेड हैं।

भारत के प्रमुख ESG फंड्स (2025)

फंड का नाम संस्था 3-वर्षीय औसत रिटर्न
SBI Magnum Equity ESG Fund SBI Mutual Fund 13.8%
ICICI Prudential ESG Fund ICICI Prudential 12.5%
Quant ESG Equity Fund Quant Mutual Fund 14.2%

ESG निवेश के लाभ

  1. दीर्घकालिक निवेशकों के लिए स्थिर ग्रोथ।
  2. सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव में सकारात्मक योगदान।
  3. कंपनी की पारदर्शिता और गवर्नेंस में विश्वास।
  4. भविष्य में नियामकीय जोखिमों से सुरक्षा।

ESG फंड्स में निवेश कैसे करें?

  • डायरेक्ट म्यूचुअल फंड ऐप (Groww, Kuvera, Zerodha आदि) से निवेश करें।
  • ESG फंड्स के पिछले परफॉर्मेंस और AUM की जांच करें।
  • न्यूनतम 3–5 वर्ष का निवेश क्षितिज रखें।
  • हर 6 महीने में फंड रिव्यू करें।

जोखिम और सावधानियाँ

हालांकि ESG फंड्स नैतिक और स्थिर माने जाते हैं, परंतु इनमें भी मार्केट जोखिम होता है।

  • अभी भारत में ESG डेटा की पारदर्शिता सीमित है।
  • कुछ कंपनियाँ “ग्रीनवॉशिंग” कर सकती हैं — यानी केवल दिखावे के लिए सस्टेनेबल दावे करना।

भविष्य की संभावनाएँ

SEBI और NSE आने वाले वर्षों में ESG इंडेक्स को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। 2030 तक भारत में ESG फंड्स का AUM ₹2 लाख करोड़ तक पहुँचने की संभावना है।

निष्कर्ष

ESG निवेश न केवल समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दर्शाता है बल्कि वित्तीय रूप से भी समझदारी भरा कदम है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और नैतिक मूल्यों के साथ ग्रोथ चाहते हैं, तो ESG फंड्स आपके लिए बेहतर विकल्प हैं।

स्रोत और संदर्भ

  • AMFI India ESG Report 2025
  • SEBI Circular on ESG Mutual Funds
  • Morningstar India – ESG Fund Performance Review

स्मार्ट निवेश का नया रास्ता — जिम्मेदार और सस्टेनेबल।

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