क्रेडिट स्कोर क्या होता है और इसे 750+ कैसे बनाए रखें

यह लेख बताता है कि क्रेडिट स्कोर क्या होता है, इसे कैसे गणना किया जाता है, किन आदतों से स्कोर घटता या बढ़ता है, और भारत में 750+ स्कोर बनाए रखने के लिए कौन-सी वित्तीय अनुशासन ज़रूरी है।

Nov 3, 2025 - 14:01
Nov 3, 2025 - 14:04
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क्रेडिट स्कोर क्या होता है और इसे 750+ कैसे बनाए रखें

क्रेडिट स्कोर क्या होता है और इसे 750+ कैसे बनाए रखें

परिचय

आज के डिजिटल युग में क्रेडिट स्कोर आपकी वित्तीय विश्वसनीयता का प्रमाण है। चाहे होम लोन हो, कार लोन या क्रेडिट कार्ड — बैंक और NBFC आपके क्रेडिट स्कोर के आधार पर निर्णय लेते हैं। भारत में 750+ स्कोर को “अच्छा” माना जाता है और यह आपके लोन अप्रूवल और ब्याज दरों दोनों पर असर डालता है।

क्रेडिट स्कोर क्या है?

क्रेडिट स्कोर एक तीन-अंकीय संख्या है जो आपके पिछले ऋण और भुगतान इतिहास पर आधारित होती है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। स्कोर जितना अधिक, उतना अधिक भरोसेमंद उधारकर्ता आप माने जाते हैं।

भारत में प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो हैं — CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark।

क्रेडिट स्कोर कैसे बनता है?

प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो एक विशिष्ट एल्गोरिद्म का उपयोग करता है, लेकिन सामान्यतः निम्नलिखित घटक सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं:

घटक महत्व (%) विवरण
भुगतान इतिहास 35% समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड भुगतान का रिकॉर्ड।
क्रेडिट उपयोग अनुपात 30% कुल लिमिट में से आप कितना उपयोग करते हैं। 30% से कम आदर्श माना जाता है।
क्रेडिट अवधि 15% आपके पुराने खातों की उम्र जितनी अधिक, स्कोर उतना बेहतर।
क्रेडिट मिश्रण 10% सिक्योर्ड (होम, ऑटो) और अनसिक्योर्ड (क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन) लोन का संतुलन।
नई पूछताछ (Inquiries) 10% बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से स्कोर घटता है।

750+ स्कोर बनाए रखने के 7 सिद्धांत

  1. सभी बिल समय पर चुकाएँ: एक भी चूका हुआ भुगतान स्कोर को 50–100 अंकों तक गिरा सकता है।
  2. क्रेडिट कार्ड लिमिट का 30% से कम उपयोग करें: ₹1 लाख की लिमिट हो तो ₹30,000 से ज़्यादा खर्च न करें।
  3. पुराने खातों को बंद न करें: लंबा क्रेडिट इतिहास स्थिरता दर्शाता है।
  4. अल्पकाल में बार-बार लोन न लें: बहुत अधिक हार्ड इंक्वायरी से बैंक आपको “रिस्की” समझते हैं।
  5. क्रेडिट मिश्रण बनाए रखें: सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों प्रकार के लोन का संतुलन अच्छा रहता है।
  6. को-साइन या गारंटी देने में सावधानी: यदि वह व्यक्ति डिफॉल्ट करता है, तो आपका स्कोर भी प्रभावित होगा।
  7. रिपोर्ट नियमित जांचें: हर 6 महीने में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखें और किसी त्रुटि को तुरंत सुधारें।

अगर स्कोर गिर गया हो तो क्या करें?

  • सभी बकाया भुगतान तुरंत निपटाएँ।
  • ओवरड्यू खातों को “सेटलमेंट” की जगह “फुल पेमेंट” से बंद करें।
  • अगले 6–12 महीनों तक अनुशासित उपयोग रखें; सुधार धीरे-धीरे दिखेगा।

क्रेडिट स्कोर क्यों महत्वपूर्ण है?

• बेहतर स्कोर पर आपको कम ब्याज दरें और अधिक लोन योग्यता मिलती है। • क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और प्रीमियम उत्पादों की मंजूरी में आसानी होती है। • वित्तीय संस्थान आपके स्कोर को आपकी भरोसेमंदता के सूचक के रूप में देखते हैं।

निष्कर्ष

क्रेडिट स्कोर केवल एक संख्या नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय अनुशासन की कहानी है। 750+ स्कोर बनाए रखना कठिन नहीं — बस समय पर भुगतान, जिम्मेदार उपयोग और नियमित निगरानी ज़रूरी है। अच्छी आदतें धीरे-धीरे आपके स्कोर को स्थिर और मजबूत बनाती हैं।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से है। व्यक्तिगत वित्तीय सलाह के लिए प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।

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